अमेरिका के हमले को लेकर बढ़ा तनाव ;ईरान में फिर धमाकों से दहशत: क़ेशम, सिरिक, जस्क और बंदर अब्बास में विस्फोटों की आवाजें |

🇮🇳 ख़बर भारत की-8 नवंबर,2026, ईरान |
ईरान के क़ेशम आइलैंड, सिरिक, जस्क और बंदर अब्बास में धमाकों की खबर। ट्रंप ने क़ेशम पर सीमित अमेरिकी हमले की पुष्टि की, लेकिन ताजा विस्फोटों का कारण स्पष्ट नहीं।
8 नवंबर 2026 | ख़बर भारत की
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में शनिवार रात कई जगह धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, क़ेशम आइलैंड, सिरिक, जस्क पोर्ट और बंदर अब्बास में विस्फोट जैसी आवाजें सुनी गईं।
ट्रंप ने क़ेशम आइलैंड पर सीमित हमले की बात मानी
इस घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क़ेशम आइलैंड पर अमेरिकी सेना की ओर से एक सीमित हमले की पुष्टि की है। रिपोर्टों के मुताबिक, यह कार्रवाई ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाकर की गई थी। इससे पहले भी इसी सप्ताह क़ेशम पर अमेरिकी कार्रवाई की खबर आई थी।

चार इलाकों में धमाकों की खबर
ईरानी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार:
* क़ेशम आइलैंड: पूर्वी हिस्से में दो धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
* जस्क पोर्ट: बंदरगाह के आसपास विस्फोटों की खबर आई।
* सिरिक: यहां भी धमाकों की आवाजें सुनाई देने की सूचना दी गई।
* बंदर अब्बास: इस तटीय शहर में भी विस्फोट जैसी आवाजों की खबर सामने आई।

ईरानी सरकारी मीडिया ने इन आवाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य गतिविधियों से जुड़ा होने की संभावना जताई है। लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर दुनिया की नजर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां बढ़ता सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और वैश्विक बाजारों को प्रभावित कर सकता है।

इसी बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ओमान की खाड़ी में एक वाणिज्यिक जहाज को रोकने के लिए कार्रवाई की जानकारी दी है। दूसरी ओर, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि होर्मुज में दो तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंगों से टकराकर आग की चपेट में आ गए। इन घटनाओं के विवरण और आपसी संबंध की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि दक्षिणी ईरान में सुनाई दिए धमाके अमेरिकी हमले का हिस्सा थे, ईरान की सैन्य गतिविधियों से जुड़े थे या किसी अन्य घटना का परिणाम। स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की नजर बनी हुई है।
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