उज्जैनी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 14317, इंदौर से ऋषिकेश) के तीन खाली डिब्बे उत्तराखंड में योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन के पास खंड गाँव / खंड क्षेत्र में पटरी से उतर गए।

18 मई, 2026 की रात (लगभग 9:30–9:40 PM) को, उज्जैनी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 14317, इंदौर से ऋषिकेश) के तीन खाली डिब्बे उत्तराखंड में योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन के पास खंड गाँव / खंड क्षेत्र में पटरी से उतर गए।
कोई हताहत या घायल नहीं: उस समय ट्रेन खाली थी (उसमें कोई यात्री नहीं था), क्योंकि उस पर शंटिंग का काम या यार्ड में मूवमेंट चल रहा था। रेलवे के किसी भी कर्मचारी के घायल होने की भी कोई खबर नहीं है।
यह घटना स्टेशन यार्ड के पास कम गति से की जा रही शंटिंग के दौरान हुई। रिपोर्टों के अनुसार, डिब्बे किसी स्टॉप या बफर से टकरा गए, जिससे उन्हें कुछ नुकसान पहुँचा (जिसमें एक रिटेनिंग वॉल से टकराने के कारण छतों को हुआ नुकसान भी शामिल है)। ये डिब्बे LHB प्रकार के हैं, जो आम तौर पर काफी मज़बूत होते हैं।
रात भर क्रेन की मदद से बहाली का काम शुरू रहा; 19 मई की सुबह तक, पटरियों को साफ करने और डिब्बों को वापस पटरी पर चढ़ाने के प्रयास जारी थे।
उत्तरी रेलवे ने इस मामले की जाँच के आदेश दिए हैं। शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि यह घटना ब्रेक में किसी खराबी या शंटिंग के दौरान हुई किसी गलती के कारण हो सकती है।
सामने आए सुबह के दृश्यों (जो आपके विवरण से भी मेल खाते हैं) में पटरी से उतरे हुए डिब्बे एक ग्रामीण/अर्ध-शहरी इलाके में झुके हुए या पटरी से उतरे हुए दिखाई दे रहे हैं, और घटनास्थल पर रेलवे की टीमें तथा उपकरण मौजूद हैं।
चूँकि डिब्बे खाली थे, इसलिए यह घटना एक सीमित दायरे तक ही रही, लेकिन इसने रेलवे सुरक्षा और परिचालन से जुड़ी चर्चाओं को फिर से तेज़ कर दिया है। कुछ यात्रियों के लिए रेल सेवाएँ प्रभावित हुईं, और ट्रेनों में देरी तथा उनके समय में बदलाव (rescheduling) की खबरें भी सामने आईं।

