कांग्रेस का ‘चक्का जाम’ — ग्वालियर और मुरैना में कई कांग्रेस कार्यकर्ता गिरफ़्तार; भिंड में कांग्रेस नेता और कांस्टेबल के बीच झड़प; शाजापुर में ट्रैक्टर को लेकर पुलिस और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच कहा-सुनी…

कांग्रेस का ‘चक्का जाम’ — ग्वालियर और मुरैना में कई कांग्रेस कार्यकर्ता गिरफ़्तार….
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में, राष्ट्रीय राजमार्गों पर राज्यव्यापी सड़क नाकाबंदी (चक्का जाम) का आह्वान किया। इसका मुख्य लक्ष्य आगरा-मुंबई NH3 और अन्य प्रमुख मार्ग थे। सुबह लगभग 11 बजे से नियोजित इस विरोध प्रदर्शन में निम्नलिखित मुद्दों को उठाया गया है:
- गेहूं की खरीद सीमित होने के कारण बड़ी मात्रा में गेहूं का बिक न पाना।
- धान की खरीद से जुड़ी समस्याएं।
- उर्वरकों (खाद) और बारदानों (बोरी) की कमी।
- कृषि उपकरणों से जुड़ी समस्याएं, और भाजपा की राज्य व केंद्र सरकारों द्वारा किसानों के साथ किया जा रहा व्यापक “अन्याय”।
यह नाकाबंदी महाराष्ट्र की सीमा से लेकर राजस्थान की सीमा तक फैले जिलों में की गई है, जिससे लगभग 747 किलोमीटर लंबे राजमार्ग प्रभावित हुए हैं। विशेष रूप से प्रभावित होने वाले प्रमुख क्षेत्रों में ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शाजापुर शामिल हैं; इनके अलावा दतिया, शिवपुरी, उज्जैन, इंदौर आदि क्षेत्र भी प्रभावित हुए हैं। एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए यातायात प्रबंधन हेतु सेवा दल के स्वयंसेवकों को तैनात किया गया था।

सामने आई घटनाएं
ग्वालियर और मुरैना में गिरफ्तारियां: नाकाबंदी का प्रयास कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
भिंड: एक कांग्रेस नेता और एक पुलिस कांस्टेबल के बीच झड़प हुई।
शाजापुर: एक ट्रैक्टर (विरोध प्रदर्शन में इस्तेमाल किया जा रहा) को लेकर पुलिस और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी हुई।

ये घटनाएं इस तरह के आंदोलनों के दौरान अक्सर देखने को मिलने वाले तनाव को दर्शाती हैं, जिसमें पुलिस सड़कों को खाली कराने और किसी बड़ी अव्यवस्था को रोकने के लिए हस्तक्षेप करती है। ट्रक चालकों के संगठनों ने पहले ही सलाह जारी कर दी थी कि वे अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा कर दें।

राजनीतिक संदर्भ
कांग्रेस का दृष्टिकोण: यह विरोध प्रदर्शन किसानों के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करता है और भाजपा सरकार पर दबाव बनाने का एक माध्यम है।
भाजपा की प्रतिक्रिया: प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल जैसे भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए उन पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विश्वसनीयता समाप्त हो चुकी है, क्योंकि उसने अतीत में किए गए अपने वादे (जैसे कि किसानों की कर्ज माफी) पूरे नहीं किए हैं। सरकार का दावा है कि वह गेहूं की खरीद के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
कांग्रेस गेहूं खरीदी को लेकर भ्रम फैला रही- भाजपा
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता धैर्यवर्धन ने कहा कि सरकार के मुखिया डॉ मोहन यादव किसानों के साथ हैं। अभी तक लगभग पचास लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। इस खरीद पर 10 लाख से अधिक किसानों को लगभग 8 हजार करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। किसान किसी प्रकार की हड़बड़ी न करें, इसके लिए गेहूं खरीद पंजीयन की तारीख बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गेहूं खरीदी को लेकर भ्रम फैलाकर प्रदेश में अराजकता पैदा करना चाहती है। किसान कांग्रेस के मंसूबों को समझता है।
यह विरोध प्रदर्शन राज्य में चल रहे व्यापक विपक्षी आंदोलन का ही एक हिस्सा है। प्रभावित राजमार्गों (विशेष रूप से NH3) पर यातायात बाधित होने की पूरी संभावना है—यदि आप इस क्षेत्र में मौजूद हैं, तो कृपया अपने यात्रा मार्गों की योजना उसी के अनुसार बनाएं।



