केन्द्रीय कृषि तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार में चुनावी सभा में आरजेडी का फुल फॉर्म बताते हुए कहा कि RJD का मतलब R- रंगबाज, J- जंगलराज, D- डकैती।

शिवराज सिंह चौहान ने बिहार चुनाव रैली के दौरान RJD के नेतृत्व वाले महागठबंधन की कड़ी आलोचना की और चेतावनी दी कि अगर यह वापस आया तो राज्य फिर से “अंधेरे के दौर” में चला जाएगा। उन्होंने RJD के नाम को तीखे अंदाज़ में समझाया:
**R** → *रंगबाज़* (गुंडा)
**J** → *जंगल राज* (अराजकता)
**D** → *डकैती* (लूट)
उन्होंने लालू प्रसाद यादव के शासनकाल के 1990 के दशक की याद दिलाई, जिसे BJP अक्सर *जंगल राज* कहती है – जिसमें कथित तौर पर जाति-आधारित हिंसा, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्था का पतन हुआ था। शिवराज सिंह चौहान ने इसकी तुलना नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली NDA सरकार से की और दावा किया कि इसने विकास, कानून-व्यवस्था और सशक्तिकरण लाया, खासकर महिलाओं और गरीबों के लिए।
यह टिप्पणी क्लासिक चुनावी भाषण का हिस्सा है – दमदार, यादगार, और BJP के समर्थकों को इकट्ठा करने के लिए अतीत में लौटने के डर को हवा देने के मकसद से कही गई है।
RJD ने इसे “हताशा में कीचड़ उछालना” कहकर खारिज कर दिया, अपने सामाजिक न्याय की विरासत की ओर इशारा किया और BJP पर बांटने वाली राजनीति करने का आरोप लगाया।
“जंगल राज” क्या है?
“जंगल राज” (जिसका सीधा मतलब है “जंगल का राज”) लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के विरोधियों द्वारा गढ़ा गया एक राजनीतिक नारा है, जो 1990 से 2005 तक बिहार में RJD के 15 साल के शासन का वर्णन करता है। इसमें आरोप लगाया गया है कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी, जहाँ आपराधिक गिरोह, जातिगत मिलिशिया और भ्रष्ट अधिकारी बिना किसी डर के काम करते थे – ठीक एक बिना कानून वाले जंगल की तरह।
ऐतिहासिक टाइमलाइन और मुख्य घटनाएँ
| साल | घटना | असर |
|——|——-|——–|
| Year | Event | Impact |
|---|---|---|
| 1990 | Lalu Prasad Yadav becomes CM after splitting from Janata Dal. Implements Mandal Commission (OBC reservations). | Polarizes society along caste lines; gains massive Yadav + Muslim support. |
| 1990–1997 | Rise of private caste armies: – Ranvir Sena (upper-caste Bhumihar militia) – MCC/Lorik Sena (lower-caste militias) | Leads to massacres: Laxmanpur Bathe (1997: 58 Dalits killed), Bathani Tola, etc. |
| 1994–1996 | Kidnapping industry booms – Doctors, businessmen, students abducted for ransom. | Middle class flees Bihar; “Bihar phobia” in job markets. |
| 1997 | Lalu resigns over Fodder Scam (₹950 crore embezzlement). Installs wife Rabri Devi as CM. | Governance by proxy; seen as mockery of democracy. |
| 1998–2005 | Infrastructure collapse: Roads disappear, electricity <2 hrs/day, schools without teachers. | Bihar becomes India’s poorest, most backward state. |
| 2000 | Bihar’s per capita income = 30% of national average. Crime rate highest in India. | Migration of 20+ lakh youth annually. |
| 1990 | लालू प्रसाद यादव जनता दल से अलग होकर CM बने। मंडल कमीशन (OBC आरक्षण) लागू किया। | समाज जाति के आधार पर बँट गया; यादव + मुस्लिम लोगों का भारी समर्थन मिला। |
| 1990–1997 | निजी जातिगत सेनाओं का उदय: रणवीर सेना (ऊँची जाति के भूमिहार मिलिशिया) MCC/लोरिख सेना (पिछड़ी जाति के मिलिशिया) | नरसंहार हुए: लक्ष्मणपुर बाथे
(1997: 58 दलित मारे गए), बथानी टोला, आदि। |
| 1994–1996 | किडनैपिंग का धंधा खूब फला-फूला – डॉक्टरों, व्यापारियों, छात्रों को फिरौती के लिए अगवा किया गया। | मध्यम वर्ग बिहार छोड़कर भाग गया; नौकरी के बाज़ारों में “बिहार फोबिया”। |
| 1997 | लालू ने चारा घोटाला (₹950 करोड़ का गबन) के कारण इस्तीफ़ा दे दिया। अपनी पत्नी राबड़ी देवी को CM बनाया। | परोक्ष रूप से शासन; लोकतंत्र का मज़ाक उड़ाना माना गया। |
| 1998–2005 | बुनियादी ढाँचे का पतन: सड़कें गायब हो गईं, बिजली <2 घंटे/दिन, स्कूलों में टीचर नहीं। | बिहार भारत का सबसे गरीब, सबसे पिछड़ा राज्य बन गया। |
| 2000 | बिहार की प्रति व्यक्ति आय = राष्ट्रीय औसत का 30%। अपराध दर भारत में सबसे ज़्यादा। | सालाना 20 लाख से ज़्यादा युवाओं का पलायन। |
“जंगल राज” के मुख्य आरोप
| पहलू | दावा | आलोचकों द्वारा बताए गए सबूत |
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| Aspect | Claim | Evidence Cited by Critics |
|---|---|---|
| Law & Order | Murder, kidnapping, extortion routine | NCRB data: Bihar had highest kidnapping rate (1998–2004) |
| Caste Violence | State tacitly supported Yadav dominance | Upper-caste massacres by Ranvir Sena; lower-caste retaliation |
| Corruption | Loot of public funds | Fodder Scam, Flood Relief Scam, Bitumen Scam |
| Governance | Ministers openly protected criminals | MLAs with criminal records rose from 11% (1990) to 38% (2005) |
| Economy | Industrial flight | 0 major industries set up; Patna lost power for 20+ hrs/day |
| कानून और व्यवस्था | हत्या, अपहरण, जबरन वसूली आम बात थी | NCRB डेटा: बिहार में अपहरण की दर सबसे ज़्यादा थी (1998–2004) |
| जाति हिंसा | राज्य ने यादवों के दबदबे को चुपचाप समर्थन दिया | रणवीर सेना द्वारा उच्च जाति के लोगों का नरसंहार; निचली जाति के लोगों का जवाबी हमला |
| भ्रष्टाचार | सरकारी फंड की लूट | चारा घोटाला, बाढ़ राहत घोटाला, बिटुमेन घोटाला |
| शासन | मंत्री खुलेआम अपराधियों को बचाते थे | आपराधिक रिकॉर्ड वाले विधायकों की संख्या 11% (1990) से बढ़कर 38% (2005) हो गई |
| अर्थव्यवस्था | उद्योगों का पलायन | 0 बड़े उद्योग स्थापित हुए; पटना में 20+ घंटे/दिन बिजली नहीं रहती थी |
RJD के जवाबी तर्क
| दावा | RJD का बचाव |
| Claim | RJD’s Defense |
|---|---|
| Social Justice | Empowered OBCs, Muslims, Dalits; ended upper-caste monopoly in jobs. |
| Caste Violence | Inherited from Congress era; both sides committed atrocities. |
| Crime | National trend; NDA exaggerated for politics. |
| Development | Laid foundation for land reforms, rural electrification. |
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| सामाजिक न्याय | OBC, मुसलमानों, दलितों को सशक्त बनाया; नौकरियों में उच्च जाति के एकाधिकार को खत्म किया। |
| जाति हिंसा | कांग्रेस के ज़माने से विरासत में मिली; दोनों पक्षों ने अत्याचार किए। |
| अपराध | राष्ट्रीय चलन; NDA ने राजनीति के लिए बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। |
| विकास | भूमि सुधार, ग्रामीण विद्युतीकरण की नींव रखी। |
जंगल राज का अंत (2005)
– नीतीश कुमार (JD(U)) + BJP गठबंधन ने नवंबर 2005 में RJD को हराया।
– तत्काल कार्रवाई:
– तेज़ सुनवाई: 5 साल में 1 लाख अपराधियों को सज़ा हुई।
– बिहार विशेष न्यायालय अधिनियम: दोषी माफियाओं की संपत्ति ज़ब्त की गई।
– कानून और व्यवस्था सूचकांक 2010 तक सबसे खराब से 5वें सबसे अच्छे स्थान पर पहुँच गया (NCRB के अनुसार)।
– प्रतीकात्मकता: नीतीश ने मशहूर कहा था, *”जंगल राज खत्म, विकास राज शुरू”* (जंगल राज का अंत, विकास के युग की शुरुआत)।
आज की विरासत (2025)
| मीट्रिक | 1990–2005 (RJD) | 2005–2020 (NDA) | 2020–2025 (NDA) |
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| Metric | 1990–2005 (RJD) | 2005–2020 (NDA) | 2020–2025 (NDA) |
|---|---|---|---|
| GDP Growth | ~2–3% | ~10–11% | ~8–9% |
| Kidnappings | 1000+/year | <50/year | <20/year |
| Roads | 10,000 km | +1 lakh km | +50,000 km more |
| Literacy | 38% → 47% | 47% → 72% | 72% → 78% |
| GDP वृद्धि | ~2–3% | ~10–11% | ~8–9% |
| किडनैपिंग | 1000+/साल | <50/साल | <20/साल |
| सड़कें | 10,000 km | +1 लाख km | +50,000 km और |
| साक्षरता | 38% → 47% | 47% → 72% | 72% → 78% |
> नोट: अब तो तेजस्वी यादव (RJD) भी 1990–2005 का बचाव करने से बचते हैं, इसके बजाय वे *”नया जंगल राज नहीं, नई तरक्की”* का वादा करते हैं।
सारांश
“जंगल राज” कोई औपचारिक ऐतिहासिक शब्द नहीं है, बल्कि एक शक्तिशाली राजनीतिक कहानी है जिसमें ये बातें शामिल हैं:
– असली नाकामियां: अपराध, भ्रष्टाचार, जातिगत दंगे।
– बदलाव: नीतीश कुमार की 2005 की जीत का श्रेय इसे खत्म करने को दिया जाता है।
यह बिहार में सबसे असरदार चुनावी हथियार बना हुआ है—हर रैली में इसका ज़िक्र होता है, शिवराज के “RJD = रंगबाज़, जंगल राज, डकैती” से लेकर नीतीश के “बिहार फिर से अंधेरे में नहीं जाएगा”



