जम्मू-किश्तवाड़ में दो जगहों पर बादल फटे: भूस्खलन के कारण सड़कें बंद; सुरक्षा बल बचाव कार्यों में जुटे; राजस्थान और MP में आंधी-तूफान और भारी बारिश।

2 जून, 2026 तक भारत में मौसम से जुड़ी हाल की घटना-
किश्तवाड़, जम्मू और कश्मीर (बादल फटने जैसी घटनाएँ)
दो जगहों — सरथल के गहान और माचीपाल — में बादल फटने जैसी घटनाएँ हुईं (भारी बारिश और ओले गिरे),इनके कारण उफनती धाराओं से भूस्खलन और मलबा बहने की घटनाएँ हुईं।
सड़कें बंद: किश्तवाड़थाथरी सड़क और डोडा-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग के कुछ हिस्से प्रभावित हुए।
स्थिति का जायज़ा लेने और सड़कों को साफ करने के लिए सुरक्षा बल, पुलिस, राजस्व टीमें और रेड क्रॉस को तैनात किया गया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने ज़िला कलेक्टर से संपर्क किया। सड़कों की सफाई के लिए मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
आज की घटनाओं में बड़े पैमाने पर किसी के हताहत होने की खबर नहीं है (अगस्त 2025 में किश्तवाड़ में बादल फटने की बड़ी घटना के विपरीत, जिसमें दर्जनों लोगों की जान चली गई थी)।
मौसम विश्लेषक फैज़ान आरिफ ने बताया कि यह बादल फटने की पारंपरिक घटना के बजाय तेज़ बारिश/ओले गिरने की घटना थी। अधिकारी लोगों को नदियों और निचले इलाकों से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं, और चौबीसों घंटे स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश (तूफान और भारी बारिश)
तूफान और भारी बारिश के कारण 5 लोगों की मौत की खबरें उत्तरी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में हाल ही में हुई आंधीतूफान की गतिविधियों से जुड़ी हैं।
हाल के रुझान बताते हैं कि आंधीतूफान, बिजली गिरने, तेज़ हवाओं और कुछ जगहों पर भारी बारिश ने राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित कई क्षेत्रों को प्रभावित किया है; इन घटनाओं में पेड़ गिरने, दीवारें ढहने या बिजली गिरने से लोगों की जान गई है।
IMD ने राजस्थान के कुछ हिस्सों में आंधीतूफान और तेज़ हवाओं के लिए अलर्ट जारी किया है, और आसपास के राज्यों में भी इसी तरह की गतिविधियाँ देखी जा रही हैं।

मौसम का व्यापक संदर्भ
भारत के उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में आंधीतूफान, ओले गिरने और तेज़ हवाओं के साथ सक्रिय मॉनसून/मॉनसून-पूर्व मौसम देखा जा रहा है। जम्मू और कश्मीर जैसे पहाड़ी इलाकों में, जब हवा में नमी और गर्मी के कारण तेज़ हलचल (convective activity) होती है, तो बादल फटने जैसी घटनाएँ आम होती हैं।



