*तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव*

ख़बर भारत की-19 सितंबर 2026-भोपाल
*तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव*
छात्रों की गूंज को सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया ‘झूठ की गूंज,ल।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह ‘झूठ की गूंज है।’ यदि बच्चों, युवाओं और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद किया जा रहा है, तो तथ्यों और आंकड़ों को सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में तथ्यों के बजाय भ्रम फैलाने का प्रयास दिखाई दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में लगातार व्यापक कार्य हुआ है। सांदीपनि विद्यालयों सहित विभिन्न योजनाओं और पहलों के परिणामस्वरूप ड्रॉपआउट दर को शून्य तक लाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में ड्रॉपआउट दर लगभग 16 प्रतिशत थी। वर्ष 1956 से 2002-03 तक प्रदेश में अधिकांश समय कांग्रेस की सरकार रही। उस समय स्कूल शिक्षा का बजट लगभग 2 हजार करोड़ रुपये था, जबकि आज यह बढ़कर 38,658 करोड़ रुपये हो गया है।
निरंतर कार्य कर रही सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में क्या बच्चों को गणवेश, आवागमन के लिए साइकिल, मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी जैसी सुविधाएं मिलती थीं? आज मध्यप्रदेश सरकार विद्यार्थियों की शिक्षा, सुविधाओं और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 1956 से 2002-03 तक प्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे। अटल जी की सरकार के समय प्रदेश को एक और मेडिकल कॉलेज मिला। आज प्रदेश में 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। मेडिकल कॉलेजों में लगभग 680 सीटों से बढ़कर आज 7 हजार से अधिक सीटें हो गई हैं।
प्रति-व्यक्ति आय में हुई वृद्धि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 1956 से 2002-03 तक प्रति व्यक्ति आय लगभग 11 हजार रुपये थी, जो आज बढ़कर 1.59 लाख रुपये हो गई है। इसी प्रकार वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में लगभग 5 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता थी, जो आज लगभग 32 हजार मेगावाट हो गई है।उन्होंने कहा कि रोजगार के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। पुलिस विभाग में लगभग 18 हजार पदों पर भर्ती की जा रही है, जिनमें करीब 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देकर पुलिस सेवा से जोड़ा जा चुका है।
सरकार लगातार कर रही भर्ती
स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार भर्तियां की जा रही हैं तथा 7 हजार प्राध्यापकों की भर्ती की गई है। सरकार ने एक लाख से अधिक पदों पर प्रमोशन किए हैं और हर वर्ष एक लाख पदों के सृजन की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष यदि मध्यप्रदेश की जनता से संवाद करना चाहते हैं, तो उन्हें प्रदेश के विकास से जुड़े विषयों पर तथ्यों और आंकड़ों के साथ बात करनी चाहिए। मध्यप्रदेश ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, आय और रोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच भ्रम के बजाय विकास और उपलब्धियों पर तथ्यपरक संवाद होना चाहिए।
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