नई दिल्ली: डॉक्टर-अस्पतालों के लिए नई सोशल मीडिया पॉलिसी।

🇮🇳 ख़बर भारत की-08 अक्टूबर 2026,नई दिल्ली।
NMC ने डॉक्टरों, अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों के विज्ञापन व सोशल मीडिया प्रचार के लिए नई गाइडलाइन जारी की।
नई दिल्ली:
नई गाइडलाइन के तहत डॉक्टर और अस्पताल सोशल मीडिया पर “No.1”, “Best Doctor”, “Most Trusted”, “100% Success” या “Guaranteed Cure” जैसे अप्रमाणित दावे नहीं कर सकेंगे। मरीजों से पेड/फर्जी रिव्यू, रेटिंग, टेस्टिमोनियल या एंडोर्समेंट लेने और मरीज जुटाने के लिए इन्फ्लुएंसर को भुगतान करने पर भी रोक है।
‘बेस्ट’, ‘नंबर-1’, ‘टॉप’, ‘मोस्ट ट्रस्टेड’ और ‘गारंटीड इलाज’ जैसे भ्रामक दावों पर रोक।
सोशल मीडिया, वेबसाइट, व्हाट्सऐप, पॉडकास्ट, इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग और AI प्रचार भी नियमों के दायरे में होंगे।
AI के इस्तेमाल पर भी सख्ती की गई है। AI से नकली मरीज की फोटो, आवाज, टेस्टिमोनियल या इलाज के परिणाम बनाकर प्रचार नहीं किया जा सकेगा। AI-assisted promotional content पर भी नियम लागू होंगे।
मरीज की फोटो, वीडियो, मेडिकल रिकॉर्ड, प्रशंसापत्र या इलाज के नतीजों के गलत इस्तेमाल पर रोक, AI से नकली या बदली सामग्री बनाना भी प्रतिबंधित।
मरीजों की फोटो, वीडियो, मेडिकल रिकॉर्ड और पहचान संबंधी जानकारी को प्रचार में इस्तेमाल करने पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। वहीं डॉक्टर तथ्यात्मक और गैर-प्रचारात्मक स्वास्थ्य जागरूकता एवं शैक्षणिक जानकारी सोशल मीडिया पर साझा कर सकते हैं।
डिस्काउंट, कूपन, कैशबैक, उपहार, रेफरल भुगतान और मुफ्त प्रक्रिया से मरीज आकर्षित नहीं किए जा सकेंगे।
स्वास्थ्य जागरूकता और जनस्वास्थ्य जानकारी देने की अनुमति होगी, लेकिन निजी या संस्थागत व्यावसायिक प्रचार नहीं किया जा सकेगा।
नियम तोड़ने पर रजिस्ट्रेशन निलंबन, अन्य दंड और कानून के तहत जुर्माना हो सकता है।
उल्लंघन करने पर चेतावनी, अनिवार्य एथिक्स ट्रेनिंग, आर्थिक दंड और गंभीर मामलों में मेडिकल रजिस्ट्रेशन पर कार्रवाई हो सकती है।
अस्पताल वेबसाइट पर विभाग, सुविधाएं, शुल्क और डॉक्टरों की योग्यता व विशेषज्ञता जैसी तथ्यात्मक जानकारी दी जा सकेगी।
NMC द्वारा जारी की गई,डॉक्टर-अस्पतालों के लिए नई सोशल मीडिया पॉलिसी।

मुख्य संदेश:
👉 सोशल मीडिया पर डॉक्टरों की मौजूदगी रहेगी, लेकिन अब मरीज जुटाने वाला भ्रामक प्रचार नहीं चलेगा।

