निशा भगत की मौत से झारखंड में हड़कंप, आखिरी फेसबुक लाइव के आरोपों की जांच; परिवार ने मांगी CBI जांच….
🇮🇳 ख़बर भारत की-7 नवंबर,2026, रांची/गुमला | झारखंड|
झारखंड की आदिवासी कार्यकर्ता निशा कुमारी भगत की रांची में मौत के बाद परिवार ने साजिश की आशंका जताते हुए CBI जांच की मांग की है। मौत से पहले फेसबुक लाइव में उन्होंने गंभीर आरोप लगाए थे।
रांची/गुमला, 7 नवंबर 2026 | ख़बर भारत की
झारखंड की आदिवासी अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली कार्यकर्ता निशा कुमारी भगत की मौत ने राज्य में राजनीतिक और सामाजिक हलचल पैदा कर दी है। 6 नवंबर को रांची के पिठौरिया थाना क्षेत्र में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मौत से कुछ समय पहले उन्होंने फेसबुक पर करीब 11 मिनट का लाइव वीडियो किया था, जिसमें वह भावुक नजर आईं और अपनी परेशानियों, कथित धमकियों तथा प्रशासन से मदद नहीं मिलने के आरोप लगाए।
मौत से पहले फेसबुक लाइव में क्या कहा?
निशा भगत ने अपने लाइव वीडियो में आदिवासी समाज के मुद्दों पर संघर्ष करने, जमीन से जुड़े विवादों और कथित भूमि माफिया के खिलाफ आवाज उठाने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम किया जा रहा था और सुरक्षा के लिए प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद उन्हें मदद नहीं मिली।
रिपोर्टों के अनुसार, लाइव के दौरान उन्होंने पिठौरिया थाना प्रभारी से फोन पर बात भी की थी। वीडियो में उनकी परेशानी और भावनात्मक स्थिति दिखाई देती है। हालांकि, उनके लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
घर में मिला शव, पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस के मुताबिक, घटना की सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची और निशा भगत को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनका शव पोस्टमार्टम के लिए रांची स्थित RIMS भेजा गया।
रांची ग्रामीण पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस फेसबुक लाइव, फोन पर हुई बातचीत, पूर्व शिकायतों और अन्य परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
परिजनों ने लगाए साजिश के आरोप, CBI जांच की मांग
निशा भगत के माता-पिता ने उनकी मौत के पीछे साजिश की आशंका जताई है। परिवार ने आरोप लगाया कि उन्हें धमकियां मिल रही थीं और उन पर दबाव बनाया जा रहा था। उनके पिता हांडू भगत ने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की है।
परिवार की ओर से कुछ लोगों के नाम लेकर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
झारखंड में राजनीतिक हलचल, विपक्ष ने उठाए सवाल
निशा भगत की मौत के बाद भाजपा नेताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने घटना पर दुख जताते हुए पुलिस और प्रशासन की भूमिका की जांच की मांग की। विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने भी CBI जांच और जवाबदेही तय करने की मांग उठाई है।
वहीं, CPI(ML) लिबरेशन ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। आदिवासी संगठनों में घटना को लेकर आक्रोश है।
कौन थीं निशा भगत?
निशा कुमारी भगत झारखंड में आदिवासी अधिकारों, सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक मुद्दों को लेकर सक्रिय थीं। वह आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखती थीं। उनकी मौत के बाद उनके संघर्ष और सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि निशा भगत ने अपने आखिरी फेसबुक लाइव में जिन आरोपों और शिकायतों का जिक्र किया, उनकी जांच किस तरह होगी? परिवार की मांग है कि मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच हो, ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।
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