पूर्व C.S. इकबाल सिंह और आजीविका मिशन के पूर्व C.E.O. ललित मोहन बेलवाल के खिलाफ, भ्रष्टाचार के मामले में लोकायुक्त जांच शुरू…

मध्यप्रदेश के पूर्व C.S. इकबाल सिंह और आजीविका मिशन के पूर्व C.E.O. ललित मोहन बेलवाल के खिलाफ,
भ्रष्टाचार के मामले में लोकायुक्त जांच शुरू…

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव (C.S.) इकबाल सिंह बैंस और आजीविका मिशन के पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी (C.E.O.) ललित मोहन बेलवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में लोकायुक्त जांच शुरू हो गई है। यह जांच मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में 2015 से 2023 के बीच कथित अवैध नियुक्तियों और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है।

आरोप: ललित मोहन बेलवाल पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पद का दुरुपयोग कर बिना अनुमति अवैध नियुक्तियां कीं, मानदेय में अनियमित बढ़ोतरी की, और बीमा योजना के नाम पर 81,647 महिलाओं से 300 रुपये प्रति व्यक्ति वसूलकर 1.73 करोड़ रुपये का गबन किया, बिना किसी बीमा पॉलिसी प्रदान किए।
इकबाल सिंह बैंस की भूमिका: बेलवाल को नियुक्ति और संरक्षण देने के आरोप पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस पर लगे हैं। 2017 में नियुक्तियों में नियमों की अनदेखी के आरोप में बैंस के साथ दो अन्य रिटायर्ड IAS अधिकारियों, मनोज कुमार श्रीवास्तव और अशोक शाह, के खिलाफ भी जांच की मांग की गई है।

जांच की स्थिति: आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बेलवाल के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की है। लोकायुक्त में बैंस और बेलवाल के खिलाफ प्रकरण दर्ज होने की खबर 21 जून 2025 को X पर पोस्ट के माध्यम से सामने आई।
IAS अधिकारी नेहा मारव्या की जांच रिपोर्ट में बेलवाल को भ्रष्टाचार का दोषी पाया गया था, जिसमें आपराधिक केस दर्ज करने की सिफारिश की गई थी। सरकार ने विधानसभा में भी बेलवाल की दोषिता स्वीकार की है।

इसमें पता चला कि आवेदक द्वारा की गई शिकायत के मुताबिक अफसरों द्वारा किए गए विवादित कार्य या आदेश शासकीय पद पर रहते हुए जारी किए गए हैं। ऐसे में इनके खिलाफ जांच के लिए सामान्य प्रशासन विभाग की अनुमति जरूरी है। ईओडब्ल्यू की ओर से सामान्य प्रशासन के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा गया है। आवश्यक अनुमति मिलने के बाद जांच की जाएगी।


