बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे चल रहे तारिक रहमान, ऐतिहासिक आम चुनावों से पहले 17 साल के निर्वासन के बाद देश लौट आए हैं।

हाँ, यह आज, 25 दिसंबर, 2025 तक सही है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया के बेटे तारिक रहमान लगभग 17 साल के लंदन में निर्वासन के बाद ढाका लौट आए हैं। वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ हज़रत शाहजलाल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुँचे, जहाँ समर्थकों की भारी भीड़ ने उनका स्वागत किया।

सांकेतिक तौर पर, उन्होंने बांग्लादेश की धरती पर नंगे पैर चले और हवाई अड्डे से बाहर निकलते समय मिट्टी उठाई। इसके बाद उन्होंने समर्थकों को संबोधित किया, लोकतांत्रिक और आर्थिक अधिकारों को बहाल करने का वादा किया और साथ ही एकता और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर ज़ोर दिया।
60 साल के रहमान को व्यापक रूप से प्रधानमंत्री पद का सबसे आगे रहने वाला उम्मीदवार माना जा रहा है, अगर BNP आगामी संसदीय चुनावों में बहुमत हासिल करती है, जो 12 फरवरी, 2026 को होने वाले हैं – यह 2024 में लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने के बाद पहला बड़ा चुनाव होगा। उनकी वापसी हसीना की सरकार गिरने के बाद उनके खिलाफ सभी आरोपों (भ्रष्टाचार और हसीना के कार्यकाल के दौरान दर्ज अन्य मामलों सहित) से बरी होने के बाद हुई है।

BNP वर्तमान में सबसे मज़बूत पार्टी के रूप में उभर रही है, जिसका मुकाबला जमात-ए-इस्लामी जैसे समूहों से है, जबकि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार सुधारों और चुनावों की ओर बदलाव की देखरेख कर रही है।
तारिक रहमान ने 25 दिसंबर, 2025 को 17 साल बाद बांग्लादेश में अपना पहला पब्लिक भाषण दिया। यह भाषण ढाका के पूर्बाचल में 300 फीट रोड (जुलाई 36 एक्सप्रेसवे) पर एयरपोर्ट पहुंचने के तुरंत बाद एक बड़ी स्वागत रैली में दिया गया। भाषण करीब 7-8 मिनट तक चला और इसे लाखों BNP समर्थकों ने सुना।

भाषण के मुख्य बिंदु और खास बातें:
– शुरुआत और आभार: उन्होंने अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हुए भाषण शुरू किया कि उन्हें वापस आने का मौका मिला और भीड़ को “प्यारे बांग्लादेश” (या कुछ रिपोर्टों में “प्रिय बांग्लादेश”) कहकर संबोधित किया। उन्होंने अपने निर्वासन के दौरान प्रार्थनाओं और समर्थन के लिए पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और लोगों का दिल से आभार व्यक्त किया।
ऐतिहासिक संदर्भ और संघर्ष: रहमान ने बांग्लादेश के प्रतिरोध के इतिहास का जिक्र किया:
– 1971 का मुक्ति संग्राम, जो शहीदों के खून से हासिल हुआ।
– 1975 का विद्रोह (7 नवंबर) साम्राज्यवादी ताकतों के खिलाफ।
– 1990 का तानाशाही विरोधी आंदोलन।
– 2024 का छात्रों के नेतृत्व वाला विद्रोह (5 अगस्त) जिसने शेख हसीना को सत्ता से हटाया, इसे “दूसरी आज़ादी” बताया, जिसमें जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों – छात्र, किसान, मजदूर, महिलाएं, मदरसा के छात्रों – ने देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा की।
– वर्तमान मांगें: उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी अपनी बोलने की आज़ादी, लोकतांत्रिक अधिकार और योग्यता के आधार पर निष्पक्ष अवसर वापस चाहते हैं। उन्होंने पिछली “तानाशाही” की हत्याओं, जबरन गायब करने और उत्पीड़न के लिए आलोचना की।
एकता और सुरक्षा का विजन: हाल के अल्पसंख्यक हमलों और अशांति के बीच समावेशिता पर जोर देते हुए:
– “यह देश पहाड़ों और मैदानों के लोगों, मुसलमानों, हिंदुओं, बौद्धों और ईसाइयों का है।”
– उन्होंने एक “सुरक्षित बांग्लादेश” बनाने का वादा किया, जहां “कोई भी महिला, पुरुष या बच्चा सुरक्षित रूप से घर से निकल सके और सुरक्षित रूप से वापस आ सके” – एक ऐसा देश जो सुरक्षा और सम्मान के लिए एक माँ के सपने को पूरा करे।
– राष्ट्र निर्माण, सहिष्णुता और सभी धर्मों की रक्षा के लिए सभी से एकजुट होने का आह्वान किया।

– “मेरे पास एक योजना है”: मार्टिन लूथर किंग जूनियर के मशहूर “मेरा एक सपना है” भाषण का जिक्र करते हुए, रहमान ने घोषणा की: “मेरे पास एक योजना है” देश और उसके लोगों के लिए, जिसमें आर्थिक अधिकार, शांति, मजबूत अर्थव्यवस्था और राजनीतिक सुधार पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि इसकी सफलता सामूहिक एकता पर निर्भर करती है।
– शोक संवेदना और शहीदों को श्रद्धांजलि: उन्होंने हाल ही में शहीद हुए उस्मान हादी (अशांति में मारे गए एक युवा नेता) और 1971 में, तानाशाही के दौरान, और 2024 में बलिदान देने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी, और देश से अपील की कि वे उनके सपनों के बांग्लादेश का निर्माण करके उनके खून का सम्मान करें।
– धैर्य रखने की अपील: उन्होंने “दबंग ताकतों” द्वारा चल रही साजिशों के खिलाफ चेतावनी दी और उकसावे के खिलाफ संयम बरतने का आग्रह किया, साथ ही कानून और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।

भाषण को प्रेरणादायक, आशापूर्ण और सुलह पर केंद्रित बताया गया, हालांकि कुछ विश्लेषकों ने कहा कि इसमें “योजना” के बारे में खास डिटेल्स की कमी थी।
भाषण के बाद, रहमान अपनी बीमार मां, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया से अस्पताल में मिलने गए।
