ब्रेकिंग: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज गिरा – कई मजदूर घायल, बचाव कार्य जारी

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में बुधवार देर रात (8 अक्टूबर, 2025) एक बड़ा हादसा हुआ, जब टूंडला रेलवे स्टेशन के पास एक निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज अपने अंतिम खंड पर लिंटल के शटरिंग कार्य के दौरान अचानक ढह गया। यह हादसा आधी रात के आसपास हुआ जब मजदूर कंक्रीट डाल रहे थे, जिससे कई मजदूर मलबे में दब गए। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार अभी तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन 5-6 मजदूरों को बचा लिया गया है और उन्हें नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया है, जिनमें से कम से कम 2 की हालत गंभीर है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मीडिया के अनुसार, एक दर्जन से अधिक लोग घायल या फंसे हुए हो सकते हैं।
घटना का मुख्य विवरण:
स्थान: टूंडला क्षेत्र, फिरोजाबाद जिला (दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर टूंडला को लाइनपार से जोड़ने वाला)।
समय: 8 अक्टूबर, 2025 की देर रात (स्थानीय समयानुसार गुरुवार सुबह)।
कारण: प्रारंभिक संकेत पुल के अंतिम भाग के लिए कंक्रीट डालने के दौरान शटरिंग संरचना में आई खराबी की ओर इशारा करते हैं। यह ओवरब्रिज रेलवे के चल रहे विस्तार कार्य का हिस्सा था।
प्रभाव: चीख-पुकार सुनकर आस-पास के निवासी घटनास्थल पर पहुँचे। संरचना के ढहने से अफरा-तफरी मच गई, जिससे मज़दूर भारी कंक्रीट और स्टील के नीचे दब गए।
बचाव और प्रतिक्रिया:
स्थानीय पुलिस, अग्निशमन विभाग और प्रशासनिक दल तुरंत पहुँचे और मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीनों और अन्य श्रमबलों का इस्तेमाल किया। फिरोजाबाद पुलिस ने 11 बजे पुष्टि की कि राहत और बचाव कार्य जारी है और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना का संज्ञान लिया है और तत्काल बचाव कार्य के निर्देश दिए हैं और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का निर्देश दिया है। उन्होंने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
नवीनतम अपडेट (9 अक्टूबर को भारतीय समयानुसार रात लगभग 11:00 बजे) के अनुसार, तेज़ रोशनी में बचाव कार्य जारी है और एम्बुलेंस तैयार हैं। आगे किसी पुल के ढहने की सूचना नहीं है, लेकिन अतिरिक्त जोखिम से बचने के लिए घटनास्थल की घेराबंदी कर दी गई है।
प्रत्यक्षदर्शी और आधिकारिक विवरण:
एक्स पर प्रसारित वीडियो में मुड़ी हुई धातु की बीम, बिखरे हुए कंक्रीट के स्लैब और आपातकालीन लाइटें दिखाई दे रही हैं जो रात में मलबे में खुदाई कर रही टीमों को भेद रही हैं। एक कर्मचारी ने कथित तौर पर बताया कि प्लेटफ़ॉर्म के टूटने से पहले उसे एक “तेज़ दरार” सुनाई दी। स्थानीय रिपोर्टों में स्थानीय संपर्क के लिए पुल के महत्व पर प्रकाश डाला गया है और निर्माण सुरक्षा में हुई चूक की गहन जाँच की माँग की गई है।
यह घटना भारत में बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा को लेकर चिंताओं को बढ़ाती है, जहाँ अकेले 2025 में कई पुल ढहने की घटनाएँ सामने आई हैं (जैसे, गुजरात और महाराष्ट्र में)। अधिकारियों ने जाँच का वादा किया है, लेकिन ठेकेदार या संरचनात्मक ऑडिट के विवरण का इंतज़ार है।
बचाव अभियान की प्रगति के बारे में अपडेट के लिए बने रहें। हमारी संवेदनाएँ प्रभावित कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ हैं।


