भोपाल में सीलिंग की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई..सुबह सीलिंग की कार्रवाई और शाम को प्रतिष्ठानों के खुलने पर जताई नाराजगी।
ख़बर भारत की-22 सितंबर 2026-भोपाल
भोपाल में सीलिंग की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई।
कोर्ट ने सीलिंग की कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर जताई नाराजगी।
SC ने 5 बिंदुओं के निर्देश किए जारी –
- SC ने कहा जो रहवासी इलाके है वहां किसी भी प्रकार की कमर्शियल गतिविधियों न हो।
- सीलिंग या डिमोलिशन की कारवाही जारी रहे।
- जिन इलाकों के लैंड यूज स्पष्ट नहीं है या मिक्स्ड लैंड यूज हैं उनको सेलिंग की कारवाही पर कोई न मिलाये, रहवासी इलाकों में कारवाही नहीं रुके।
- MP सरकार की कमिटी के कारण कंटेंप्ट वाले मामले में कोर्ट के “एमिकस क्युरी” AK सिनहा ने किया था जांच।
- सिन्हा ने SC को बताया कि कमिटी गठित कर सरकार ने *कंटेंप्ट किया*।
जिसके बाद MP सरकार के वकील KN नटराजन ने बताया कि सरकार से बात हो गई हैं
सरकार ने आश्वासन दिया कि अब कोई कमिटी नहीं बनेगी, न ही सेलिंग की कारवाही बाधित की जाएगी
SC ने सरकार के आश्वासन को स्वीकार किया (कंटेंप्ट नहीं लगाया, लेकिन लिखित ऑर्डर से स्पष्ट होगा)
इसके बाद एमिकस क्युरी AK सिनहा ने SC को बताया कि आज सुबह सुनवाई से पहले भोपाल के लगभग 10 रहवासियों की शिकायतें आई
सुबह सीलिंग की कार्रवाई और शाम को प्रतिष्ठानों के खुलने पर जताई नाराजगी।
SC ने भोपाल से मिली शिकायतों पर कोर्ट ने नोट किया कि कई जगह (Full compliance) “पूर्णतः पालन” नहीं हो रहा है विशेष रूप से भोपाल में ।
SC ने कहा: सीलिंग की कार्रवाई का सख्ती से पालन करने के निर्देश हैं तो पूर्णतः पालन हो।
वकील नटराजन ने कोर्ट को बताया कि भोपाल में 1995 से अभी तक कोई मास्टर प्लान नहीं आया (2005 में एक्सपायर हुआ था)
नटराजन ने SC से निवेदन किया कि नया मास्टर प्लान का ड्राफ्ट सरकार के पास है । अब उसे लागू करना है।सुप्रीम कोर्ट से मास्टर प्लान को लेकर मिली हरी झंडी
(कोर्ट ने ये नहीं कहा है कि नए प्लान लागू होने तक सीलिंग की कारवाही रुकी रहे)
मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी कर सकेगी सरकार। सरकार की तरफ से कोर्ट में रखा गया पक्ष।


