मध्य प्रदेश में हुआ ऐसा अंतिम संस्कार जो पहले कभी नहीं देखा होगा: भगवान इस गांव में बारिश में न हो किसी का अंतिम संस्कार,भयावह दृश्य दतिया के मुरया गांव से।
मध्य प्रदेश में हुआ ऐसा अंतिम संस्कार जो पहले कभी नहीं देखा होगा: भगवान इस गांव में बारिश में न हो किसी का अंतिम संस्कार,भयावह दृश्य दतिया के मुरया गांव से।
मध्य प्रदेश के दतिया जिले के मुरिया (मुरया) गांव में भारी बारिश के बीच एक हृदय विदारक अंतिम संस्कार का दृश्य सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 60 वर्षीय अवध बाई अहिरवार के निधन के बाद शुक्रवार (20 जून 2025) को उनका अंतिम संस्कार किया गया। गांव में श्मशान घाट की सुविधा नहीं होने के कारण खुले में अंतिम संस्कार करना पड़ा। तेज बारिश के बीच परिजनों ने मजबूरी में जलती चिता को तिरपाल से ढककर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। इस दृश्य ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर किया है।
यह घटना मध्य प्रदेश के कई गांवों में मुक्तिधाम और श्मशान घाट की अनुपस्थिति की गंभीर समस्या को दर्शाती है। पहले भी मुरैना, भिंड, ग्वालियर, और अशोकनगर जैसे जिलों में बारिश के दौरान तिरपाल के सहारे या कीचड़ भरे रास्तों पर अंतिम संस्कार की खबरें सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा मुक्तिधाम के लिए बजट तो आवंटित किया जाता है, लेकिन निर्माण कार्य अधूरे रह जाते हैं या ठेकेदारों द्वारा काम नहीं किया जाता।
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और सरकार की ओर ध्यान आकर्षित किया है, और ग्रामीणों ने श्मशान घाट और बुनियादी सुविधाओं की मांग की है ताकि ऐसी अमानवीय परिस्थितियों से बचा जा सके।


