शांति समिति की बैठक में निर्णय: 21 अक्टूबर को रावण दहन के उपरांत होगा मुख्य दुर्गा प्रतिमा विसर्जन..

🇮🇳 🇮🇳 ख़बर भारत की-19 अक्टूबर 2026, सतना
मध्यप्रदेश।
प्रशासन की अपील: पी.ओ.पी. (POP) की मूर्तियाँ केवल ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कृत्रिम कुंड में ही करें विसर्जित।
सतना, 19 अक्टूबर 2026
सतना। अनुविभागीय दण्डाधिकारी (SDM) रघुराजनगर (शहरी) श्री राहुल सिलाडिया की अध्यक्षता एवं सी.एस.पी. श्री मनीष त्रिपाठी, थाना प्रभारी कोलगवा, कोतवाली एवं सिविल लाइन तथा नगर निगम अधिकारियों की उपस्थिति में दुर्गा पूजा आयोजकों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी नवदुर्गा उत्सव, रावण दहन एवं प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण, भव्य एवं अनुशासित ढंग से संपन्न कराने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में उपस्थित दुर्गा पूजा समितियों के आयोजकों एवं प्रबुद्ध नागरिकों से सौहार्दपूर्ण वातावरण में विस्तृत चर्चा की गई, जिसके उपरांत निम्नलिखित व्यवस्थाएं व दिशा-निर्देश तय किए गए:
1. श्रद्धालुओं एवं आयोजकों की सुविधा के दृष्टिगत जिला प्रशासन, पुलिस एवं नगर निगम द्वारा दिनांक 20, 21 एवं 22 अक्टूबर (तीन दिवस) तक शहर के सभी 05 निर्धारित विसर्जन स्थलों पर निर्बाध व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएँगी:
· माधवगढ़ घाट (सतना नदी)
· जिगनहट घाट (सतना नदी)
· देवरा घाट (सतना नदी)
· उंचवा टोला घाट (सतना नदी)
· ट्रांसपोर्ट नगर तालाब (कृत्रिम कुंड)
2. उक्त सभी घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, क्रेन, होमगार्ड के कुशल गोताखोर, मोटर बोट, बैरिकेडिंग, पेयजल एवं मेडिकल टीम 24 घंटे तैनात रहेगी।
3. नदियों की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के नियमों (NGT गाइडलाइन्स) का पालन सुनिश्चित करने हेतु प्रशासन ने विशेष अपील जारी की है। प्लास्टर ऑफ पेरिस (P.O.P.) से निर्मित प्रतिमाओं का विसर्जन प्राकृतिक नदियों (सतना नदी के घाटों) में पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। पी.ओ.पी. की मूर्तियों का विसर्जन अनिवार्य रूप से नगर निगम द्वारा निर्मित ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कृत्रिम कुंड (तालाब) में ही किया जाएगा।
4. विसर्जन जुलूस के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस एवं राजस्व अमला सतत तैनात रहेगा।
जिला प्रशासन द्वारा सभी दुर्गा पूजा समितियों, आयोजकों एवं श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए उत्सव एवं विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराएँ।

