
ख़बर भारत की- 24 सितंबर 2026,नई दिल्ली |
विशेष रिपोर्ट- निधि चौरसिया-पत्रकार। लेखक
यूरोप में बढ़ी युद्ध-तैयारी: रूस के साथ तनाव के बीच Germany से Britain तक बढ़ी Civil-Defence तैयारी
रूस के साथ जारी भू-राजनीतिक तनाव और यूरोप के बदलते सुरक्षा माहौल के बीच कई यूरोपीय देश अपनी सैन्य क्षमता के साथ-साथ नागरिक सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों को मजबूत कर रहे हैं। जर्मनी में संभावित शेल्टर की पहचान से लेकर स्वीडन की नागरिक-आपदा गाइड, डेनमार्क में विस्तारित सैन्य सेवा और ब्रिटेन की नई होम-डिफेंस योजनाओं तक, यूरोप में व्यापक स्तर पर preparedness पर जोर दिया जा रहा है।
हालांकि, इन कदमों को रूस के खिलाफ युद्ध की औपचारिक घोषणा के रूप में देखना सही नहीं होगा। सरकारों का मुख्य जोर deterrence, resilience और crisis preparedness पर है।
🇩🇪 जर्मनी: शेल्टर और सैन्य तैयारी-
जर्मनी पुराने Cold War दौर की civil-defence व्यवस्था को फिर मजबूत कर रहा है। सरकार संभावित आपातकालीन शेल्टर के लिए सबवे स्टेशन, सुरंग, भूमिगत पार्किंग, गैरेज और बेसमेंट जैसी जगहों का आकलन कर रही है।
साथ ही, सैन्य manpower बढ़ाने और NATO सैनिकों तथा सैन्य वाहनों की आवश्यकता पड़ने पर तेज आवाजाही की योजनाओं पर भी काम हो रहा है।
🇸🇪 स्वीडन: नागरिकों को “Crisis or War” के लिए तैयार करना-
स्वीडन ने नागरिकों के लिए “In Case of Crisis or War” गाइड जारी की है। इसमें बिजली और संचार व्यवस्था बाधित होने, हवाई हमले, आवश्यक वस्तुओं की कमी, evacuation और अन्य आपात स्थितियों में नागरिकों को क्या करना चाहिए, इसकी जानकारी दी गई है।
यह स्वीडन की व्यापक civilian resilience strategy का हिस्सा है।
🇩🇰 डेनमार्क: सैन्य सेवा का विस्तार-
डेनमार्क ने सैन्य preparedness बढ़ाने के लिए महिलाओं को भी conscription व्यवस्था में शामिल किया है और सैन्य सेवा की अवधि को लगभग 4 महीने से बढ़ाकर 11 महीने किया है।
इसका उद्देश्य देश की defence manpower और operational readiness को मजबूत करना है।
🇫🇷 फ्रांस: Emergency और Civil डिफेंस
फ्रांस नागरिकों को आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की सलाह दे रहा है। इसमें food, water, medicines, radio, emergency communication और radiation-related precautions जैसे विषय शामिल हैं।
फ्रांस नागरिकों को emergency preparedness तथा military reserves और civil-defence organisations में भागीदारी के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है।
🇬🇧 ब्रिटेन: “War Books” और Home Defence
ब्रिटेन अपनी सरकारी “War Books” यानी बड़े संकट या युद्ध की स्थिति में सरकार के संचालन से संबंधित contingency plans को अपडेट कर रहा है।
इसके साथ:
critical infrastructure की सुरक्षा
energy और water systems की सुरक्षा
telecommunications और undersea cables की सुरक्षा
cyberattacks से निपटने की योजना
fuel shortages और supply-chain disruption की तैयारी
home-defence exercises
weapons, drones और ammunition production बढ़ाना
जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है।
🇪🇺 European Union: 72-hour preparedness
European Union ने नागरिकों को कम-से-कम 72 घंटे की emergency preparedness रखने की दिशा में प्रोत्साहित किया है। इसमें food, drinking water, medicines, cash और अन्य आवश्यक सामान शामिल हैं।
EU की broader Preparedness Union Strategy में cyberattacks, geopolitical conflicts, natural disasters, health emergencies और critical infrastructure disruptions जैसे कई संभावित संकटों को शामिल किया गया है।
क्या यूरोप रूस के साथ युद्ध की तैयारी कर रहा है?
स्थिति को इस तरह समझना अधिक सही होगा: यूरोप अपनी defence और civil-defence क्षमता को पहले की तुलना में काफी मजबूत कर रहा है, क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध और व्यापक सुरक्षा परिस्थितियों ने यूरोपीय देशों को संभावित संकटों के लिए अधिक तैयार रहने के लिए प्रेरित किया है।
लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे “Europe has declared war on Russia” कहना गलत होगा।
निष्कर्ष
यूरोप में इस समय तीन समानांतर तैयारियां दिखाई दे रही हैं:
Military readiness + Civil defence + Critical infrastructure protection
यानी सरकारें केवल सेना को मजबूत नहीं कर रहीं, बल्कि आम नागरिकों, hospitals, energy networks, communications, food supplies और अन्य essential services को भी बड़े संकट की स्थिति में functioning रखने की तैयारी कर रही हैं।
संक्षेप में:
यूरोप रूस के खिलाफ युद्ध की घोषणा नहीं कर रहा है, लेकिन संभावित बड़े सुरक्षा संकट के लिए अपनी सैन्य और नागरिक preparedness को गंभीरता से बढ़ा रहा है।

