
🇮🇳 ख़बर भारत की-12 अक्टूबर 2026,नई दिल्ली।
बड़ी खबर: दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के ठिकाने बदले, जंतर-मंतर अब आधिकारिक प्रदर्शन स्थल नहीं
Nidhi Chaurasia
नई दिल्ली। देशभर के आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा दिल्ली का जंतर-मंतर अब आधिकारिक प्रदर्शन स्थल नहीं रहेगा। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है। इसकी जगह राजधानी में तीन नए स्थानों को धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया गया है।
दिल्ली पुलिस के नए आदेश के मुताबिक, अब रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा सकेंगे। यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।
कहां होंगे अब विरोध प्रदर्शन? जानिए तीन नए ठिकाने
1. रामलीला मैदान
दिल्ली के मध्य क्षेत्र में स्थित रामलीला मैदान लंबे समय से राजनीतिक रैलियों, जनसभाओं और आंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहा है। यह अजमेरी गेट और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के आसपास स्थित है। यहां पहुंचने के लिए नई दिल्ली और चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन उपयोगी विकल्प हो सकते हैं। निकटतम बस स्टॉप की जानकारी यात्रा से पहले जांच लेना बेहतर होगा।
2. बुराड़ी ग्राउंड
उत्तर दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र में स्थित यह मैदान बड़े आयोजनों और जनसभाओं के लिए जाना जाता है। वर्ष 2020 में किसान आंदोलन के दौरान भी बुराड़ी का निरंकारी समागम मैदान चर्चा में आया था। यहां आने वाले लोगों को बुराड़ी क्षेत्र के बस मार्गों और निकटतम मेट्रो स्टेशन के लिए स्थानीय परिवहन की जानकारी लेनी चाहिए।
3. सीबीडी ग्राउंड, पूर्वी दिल्ली
पूर्वी दिल्ली के कड़कड़डूमा और शाहदरा क्षेत्र के आसपास स्थित सीबीडी ग्राउंड को भी नए प्रदर्शन स्थल के रूप में चुना गया है। यहां पहुंचने के लिए कड़कड़डूमा मेट्रो स्टेशन एक प्रमुख विकल्प है। आसपास के बस स्टॉप से भी इस क्षेत्र तक पहुंचा जा सकता है।
साढ़े तीन दशक पुरानी परंपरा में बड़ा बदलाव
जंतर-मंतर 1990 के दशक से देश के विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े आंदोलनों का अहम केंद्र रहा है। यहां अलग-अलग मुद्दों पर राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिक समूहों ने अपनी आवाज उठाई है।
अब नए आदेश के बाद प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थलों पर ही प्रदर्शन आयोजित करने के लिए संबंधित नियमों और अनुमति प्रक्रिया का पालन करना होगा। दिल्ली पुलिस ने नए स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अलग से जारी किए जाने की बात कही है।

बड़ा सवाल: क्या जंतर-मंतर से प्रदर्शन स्थल हटाने के फैसले से आम लोगों और आंदोलनों की आवाज पर असर पड़ेगा?
इस फैसले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज होने की संभावना है।
