BCCI ने किया इंडियन ब्लाइंड क्रिकेट टीम को “टेक ओवर”, डेफ बच्चों को भी मान्यता देने की अपील।

जो नजरों से देख नहीं सकते हैं लेकिन हुनर ऐसा कि देखने वालों को भी मात दे दे।
जी हां हम बात कर रहे हैं इंडियन ब्लाइंड क्रिकेट टीम की।
जिसके हुनर को देखते हुए BCCI ने ब्लाइंड क्रिकेट टीम को टेक ओवर कर लिया है।बोर्ड ऑफ़ कंट्रोल फ़ॉर क्रिकेट इन इंडिया (BCCI) ने हाल ही में क्रिकेट एसोसिएशन फ़ॉर द ब्लाइंड इन इंडिया (CABI) के लिए एक बड़े स्ट्रक्चर्ड सपोर्ट फ्रेमवर्क की घोषणा की है, जो देश में ब्लाइंड क्रिकेट को कंट्रोल करता है, जिसमें पुरुषों और महिलाओं की नेशनल टीमें शामिल हैं।
यह डेवलपमेंट, जिसकी घोषणा 20-21 फरवरी, 2026 को की गई, यह भारतीय क्रिकेट में सबको साथ लेकर चलने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह”टेकओवर” या मर्जर के BCCI, CABI की एक पार्टनरशिप है जो नेत्रहीन क्रिकेटरों के लिए खेल को बेहतर बनाने के लिए लॉजिस्टिक, फ़ाइनेंशियल और इंफ़्रास्ट्रक्चरल सपोर्ट देती है।
BCCI के सपोर्ट के मुख्य एलिमेंट्स में शामिल हैं:
– पुरुषों और महिलाओं दोनों टीमों के लिए सालाना दो विदेशी टूर्नामेंट के लिए इंटरनेशनल ट्रैवल और रहने की जगह की फ़ंडिंग।
– भारत में होस्ट की गई बाइलेटरल सीरीज़ के दौरान घरेलू और मेहमान टीमों के लिए रहने की जगह देना।
– घरेलू और इंटरनेशनल मैचों के लिए BCCI के सपोर्ट वाले स्टेडियम और ग्राउंड तक पहुँच देना, टॉप-क्लास सुविधाएँ और प्रोफेशनल स्टैंडर्ड पक्का करना।
यह पहल ICC चेयरमैन जय शाह समेत कई लोगों की मज़बूत वकालत के बाद शुरू हुई है, और हाल की सफलताओं पर बनी है, जैसे कि भारतीय ब्लाइंड महिला टीम ने 2025 में पहला महिला T20 वर्ल्ड कप फॉर द ब्लाइंड जीता, और पुरुष टीम कई बार वर्ल्ड चैंपियन बनी।
ऐसी ही खूबसूरत और मजबूत टीम है डेफ इंडियन क्रिकेट टीम.. जिसमें न कोई हुनर की कमी है न कोई किसी जज्बे की। उन्होंने ऐसी उड़ान भरी कि अपने सामने आने वाली सारी परेशानियो मुश्किलों का डट कर मजबूती से सामना किया और क्रिकेट जगत में अपनी एक अलग ही पहचान बनाने में सफल रहे। इंडियन क्रिकेट डेफ टीम को भी ब्लाइंड क्रिकेट टीम की ही तरह ही टेक ओवर करना चाहिए।
जो बच्चे बोल सुन नहीं सकते हैं,उनके बारे में भी बीसीसीआई को जरूर सोचना चाहिए।
जबकि सबकी खेलने की एक अलग ही शैली होती हैं,जैसे ब्लाइंड बच्चे घुंघरू की आवाज़ को सुन कर खेलते हैं जबकि डेफ एंड डंब की जो क्रिकेट खेल है उसमें सब सामान्य क्रिकेट की तरह ही होता हैं।
इनके हेड कोच श्री देवदत्त बघेल हैं जिन्होंने इन बच्चों को क्रिकेट की बारीकियां सिखाई है और एक मज़बूत स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है।

उनके खेल में सारे नियम ICC एवं BCCI के फॉलो किए जाते है। इसमें बॉलिंग से लेकर खेल के सारे लिए सामान्य क्रिकेट टीम की तरफ ही होते हैं।
इसी लिए बीसीसीआई से एक ही निवेदन है कि जैसे आपने ब्लाइंड क्रिकेट टीम को टेक ओवर किया है वैसे ही इन डेफ बच्चों को भी टेक ओवर कर ले तो इन बच्चों के लिए भी एक नई उम्मीद हो जायेगी और इनका एक भविष्य भी सुनहरा बन जायेगा एवं विभिन्न सेक्टर्स में नौकरी के अवसर भी प्राप्त होगे जिसके वो भी अपना जीवन सामान्य लोगो की तरफ गुजर बसर कर पाएंगे।
महामहिम राष्ट्रपति महोदया एवं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से निवेदन है कि वो इन बच्चों के लिए ऐसा अवसर प्रदान करें।इसके साथ ही BCCI प्रेसिडेंट मिथुन मन्हास एवं ICC चेयरमैन जय शाह आपसे भी निवेदन है कि आपने जैसे ब्लाइंड क्रिकेट टीम को टेक ओवर किया है वैसे ही एक बार डेफ एंड डंब बच्चों के साथ अन्य दिव्यांग बच्चों के बारे में भी सोचे ताकि वो भी खेल की दुनियां में अपना परचम लहरा सकें और अपने भारतवर्ष का नाम विश्व पटल पर ऊंचा कर सके।
इन सभी बच्चों पर ध्यान केंद्रित कीजिए और उनके प्रयासों को सफल बनाने में मदद कीजिए।
इस डेफ बच्चों में से कई अंतर्राष्ट्रीय/राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर तक के क्रिकेट में हिस्सा लेते आए हैं और के भी रहे हैं। इसी लिए ऐसे बच्चों को भी मान्यता देना चाहिए।
फरवरी 2026 से, टीम पहले ADCA T20I एशिया कप 2026 (जिसे एशियन डेफ क्रिकेट एसोसिएशन ने ऑर्गनाइज़ किया था) में एक्टिव रूप से हिस्सा ले रही है, जो 18-25 फरवरी तक ओडिशा के कटक के बाराबती स्टेडियम में खेला रहा हैं। इस टूर्नामेंट में इंडिया, श्रीलंका और नेपाल शामिल हैं।

अभी चल रहे टूर्नामेंट की खास बातें:
– इंडिया ने श्रीलंका पर जीत के साथ ज़बरदस्त शुरुआत की, जहाँ साई आकाश को प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया।
– नेपाल के खिलाफ़ ज़बरदस्त प्रदर्शन करते हुए, इंडिया ने 10 विकेट से जीत हासिल की (नेपाल 57 ऑल आउट; इंडिया सिर्फ़ 5.2 ओवर में 57/0), जिसमें ज़बरदस्त बॉलिंग और बैटिंग दिखाई गई।
– कैप्टन वीरेंद्र सिंह टीम को लीड कर रहे हैं, जिसमें साई आकाश, कुलदीप सिंह, संतोष कुमार महापात्रा, सिबुन नंदा, हिलाल वानी और दूसरे खिलाड़ी खास तौर पर खेल रहे हैं।
– हिलाल वानी और सानिथ जैसे डेब्यू करने वाले कई खिलाड़ियों ने इस इवेंट में अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया है।

यह टूर्नामेंट सबको साथ लेकर चलने, मज़बूती दिखाने और पूरे एशिया में डेफ़ क्रिकेट को बढ़ावा देने पर ज़ोर देता है, जिसमें फ़्री एंट्री और लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध है।
BCCI प्रेसिडेंट मिथुन मन्हास ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सबको साथ लेकर चलना विज़न का सेंटर है, और नेत्रहीन क्रिकेटरों की उपलब्धियों को बहुत गर्व की बात बताया। CABI ने दिल से शुक्रिया अदा किया है, यह कहते हुए कि इस लंबे समय से इंतज़ार किए जा रहे सपोर्ट से मुश्किलें कम होंगी और डेवलपमेंट और परफॉर्मेंस पर ज़्यादा ध्यान दिया जा सकेगा।



