IndiGo की फ़्लाइट में पावर बैंक फटा: 5 यात्री घायल; डिवाइस एक बैग में रखा था; हैदराबाद से चंडीगढ़ आ रहे सभी 198 यात्रियों को इमरजेंसी एग्ज़िट से बाहर निकाला गया।

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यह घटना सच है और आज (5 मई, 2026) हुई है।

फ़्लाइट: हैदराबाद से चंडीगढ़ (शहीद भगत सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, मोहाली/चंडीगढ़) जाने वाली IndiGo 6E 108।विमान के उतरने और रुकने के बाद (लगभग 3:30–3:50 PM), एक यात्री के पावर बैंक (जो एक बैग में रखा था) में आग लग गई या वह फट गया, जिससे केबिन में धुआँ भर गया।

केबिन-क्रू ने तुरंत कार्रवाई की। स्लाइड का इस्तेमाल करके आपातकालीन निकासी की गई। सभी 198 यात्रियों और क्रू सदस्यों को सुरक्षित रूप से टर्मिनल तक पहुँचाया गया। विमान को जाँच के लिए सेवा से हटा दिया गया।

रिपोर्टों के अनुसार 5 यात्रियों को चोटें आईं (ज़्यादातर मामूली, जैसे निकासी के दौरान टखने में चोट या घबराहट के कारण)। कुछ को जाँच के लिए अस्पताल ले जाया गया। किसी बड़ी चोट या जानमाल के नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं है।

एयरलाइन का बयान (IndiGo): उन्होंने लैंडिंग के बाद पर्सनल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (PED) से जुड़ी घटना की पुष्टि की, सुरक्षा के लिए तुरंत निकासी की बात कही, और बताया कि सभी यात्रियों का ध्यान रखा गया। अधिकारियों (DGCA सहित) को सूचित कर दिया गया है।

 

यह आपके संदेश में दिए गए विवरणों से काफ़ी हद तक मेल खाता है। पावर बैंक (लिथियम-आयन बैटरी) विमानन क्षेत्र में आग लगने का एक ज्ञात जोखिम हैं, यही कारण है कि नियम उनके आकार को सीमित करते हैं, उन्हें कैरी-ऑन (चेक-इन नहीं) सामान में रखने की शर्त रखते हैं, और अक्सर उन्हें आसानी से पहुँचने वाली जगहों पर रखने की सलाह देते हैं।

 

इस तरह की घटनाएँ इस बात पर ज़ोर देती हैं कि एयरलाइनें और नियामक पोर्टेबल चार्जर से जुड़े नियमों को और सख़्त क्यों कर रहे हैं।

जानिए विमानन बैटरी नियम क्या हैं?

एविएशन बैटरी नियम मुख्य रूप से लिथियम-आयन (रिचार्जेबल) और लिथियम-मेटल (नॉन-रिचार्जेबल) बैटरियों पर केंद्रित होते हैं, क्योंकि थर्मल रनअवे (ओवरहीटिंग, आग या विस्फोट) के कारण इनमें आग लगने का खतरा रहता है। ये नियम ICAO (अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन) और IATA (अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ) जैसे अंतर्राष्ट्रीय निकायों द्वारा निर्धारित किए जाते हैं, और FAA (US), EASA (यूरोप), और DGCA (भारत) जैसे राष्ट्रीय नियामक इन्हें अपनाते हैं।

 

मुख्य अंतर्राष्ट्रीय नियम (ICAO/IATA – 2026 के प्रभावी अपडेट)

ये नियम विश्व स्तर पर लागू होते हैं, और एयरलाइंस तथा देश इनमें और भी सख्त उपाय जोड़ सकते हैं:

 

वॉट-घंटा (Wh) सीमाएँ (लिथियम-आयन बैटरियों के लिए):

 ≤100 Wh: आमतौर पर बिना किसी विशेष अनुमति के अनुमति होती है (इसमें अधिकांश उपभोक्ता पावर बैंक शामिल होते हैं, जैसे 10,000–20,000 mAh वाले मॉडल)।

101–160 Wh: एयरलाइन की अनुमति के साथ अनुमति होती है (अक्सर केवल दो अतिरिक्त बैटरियों तक सीमित)।

>160 Wh: यात्री विमानों पर आमतौर पर प्रतिबंधित होती हैं।

 

पावर बैंक और अतिरिक्त बैटरियाँ:

इन्हें केवल कैरी-ऑन/हैंड बैगेज में ही रखना अनिवार्य है — चेक किए गए बैगेज (चेक्ड बैगेज) में कभी नहीं।

शॉर्ट सर्किट से बचाने के लिए इन्हें अलग-अलग सुरक्षित रखना चाहिए (उदाहरण के लिए, मूल पैकेजिंग में, टर्मिनलों पर टेप लगाकर, या अलग प्लास्टिक बैग में)।

नए 2026 ICAO नियम (27 मार्च, 2026 से प्रभावी): प्रति यात्री अधिकतम 2 पावर बैंक तक सीमित। यात्रियों को विमान के अंदर इन्हें रिचार्ज करने की अनुमति नहीं है।

विमान के महत्वपूर्ण चरणों (टैक्सी, टेक-ऑफ, लैंडिंग) के दौरान उपकरणों को चार्ज करने के लिए इनका उपयोग करने से सख्ती से मना किया जाता है या इसे प्रतिबंधित किया जाता है। कई एयरलाइंस अब उड़ान के दौरान इनके उपयोग को पूरी तरह से प्रतिबंधित या बैन कर देती हैं।

 

उपकरणों में लगी बैटरियाँ (फ़ोन, लैपटॉप आदि में):

  • उपकरणों को कैरी-ऑन बैगेज में रखना चाहिए।
  • गलती से चालू होने से रोकने के लिए उपाय किए जाने चाहिए।
  • यदि इन्हें चेक किए गए बैगेज में रखा जाता है, तो कई मामलों में उपकरणों को पूरी तरह से बंद (पावर ऑफ) करना अनिवार्य है (स्लीप मोड में नहीं)।

 

सुरक्षा और भंडारण

अतिरिक्त बैटरियाँ/पावर बैंक: अक्सर इन्हें सीट की जेबों या सीट के नीचे बने स्थान में रखने की आवश्यकता होती है (ओवरहेड बिन में नहीं), ताकि ओवरहीटिंग की स्थिति में इन्हें तुरंत निकाला जा सके। विमान के पावर आउटलेट से पावर बैंक रिचार्ज न करें।

 

ये नियम क्यों बनाए गए हैं?

लिथियम बैटरियां ज़्यादा गरम हो सकती हैं, उनमें शॉर्ट-सर्किट हो सकता है, या वे ‘थर्मल रनअवे’ (अत्यधिक गर्मी से अनियंत्रित प्रतिक्रिया) की स्थिति में पहुंच सकती हैं—खासकर तब जब वे क्षतिग्रस्त हों, ओवरचार्ज हो गई हों, या उन पर दबाव/तापमान में बदलाव का असर पड़ा हो। ओवरहेड बिन या चेक-इन किए गए बैगेज में आग लगने पर उसका पता लगाना और उसे बुझाना ज़्यादा मुश्किल होता है। हाल के दिनों में ऐसी घटनाओं में हुई बढ़ोतरी के कारण 2026 में नियमों को और सख्त किया गया है।

 

यात्रियों के लिए व्यावहारिक सुझाव

1. अपने पावर बैंक की Wh रेटिंग जांचें (यह आमतौर पर लेबल पर लिखी होती है; इसकी गणना इस सूत्र से करें: mAh × Voltage / 1000)।

2. केवल उतनी ही बैटरियां साथ ले जाएं जितनी आपको ज़रूरत है (आदर्श रूप से ≤100 Wh)।

3. बैटरी के टर्मिनलों को सुरक्षित रखें और उन्हें ऐसी जगह रखें जहां आप उन्हें आसानी से निकाल सकें।

4. हमेशा अपनी संबंधित एयरलाइन से नियमों की पुष्टि करें — नियम अलग-अलग हो सकते हैं और उनमें बदलाव भी हो सकता है।

5. यदि कोई बैटरी गरम हो रही हो, फूल गई हो, या क्षतिग्रस्त हो, तो तुरंत विमान के क्रू सदस्यों को इसकी सूचना दें।

 

ये नियम घटनाओं और तकनीकी विकास के साथ-साथ बदलते रहते हैं। सबसे अद्यतन जानकारी के लिए, अपनी एयरलाइन, DGCA/FAA/IATA की वेबसाइटों, या अपनी

उड़ान की ‘खतरनाक सामान नीति’ (dangerous goods policy) देखें।

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