Twisha Sharma मौत मामला: MP सरकार ने CBI जांच को मंज़ूरी दी; हाई कोर्ट दोपहर 2:30 बजे के बाद पति समर्थ की ज़मानत याचिका पर सुनवाई करेगा।

22 मई, 2026 -Twisha Sharma मौत मामले में अपडेट (22 मई, 2026 तक)
मुख्य घटनाक्रम
MP सरकार ने CBI जांच को मंज़ूरी दी: मध्य प्रदेश सरकार ने आधिकारिक तौर पर Twisha Sharma की मौत की जांच CBI को सौंप दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने Twisha Sharma के परिवार से मुलाकात के बाद उन्हें इस बात का आश्वासन दिया। गृह विभाग ने दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम की धारा 6 के तहत सहमति देते हुए एक अधिसूचना जारी की।
हाई कोर्ट में आज सुनवाई: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (जबलपुर बेंच) दोपहर 2:30 बजे के बाद कई संबंधित मामलों की सुनवाई कर रहा है, जिनमें शामिल हैं:
समर्थ सिंह (Twisha के फरार पति और मुख्य आरोपी) की अग्रिम ज़मानत याचिका।
उनकी मां, गिरिबाला सिंह (सेवानिवृत्त न्यायाधीश और सहआरोपी) को दी गई अग्रिम ज़मानत रद्द करने से संबंधित याचिकाएं।
दूसरे पोस्टमार्टम की मांग (संभवतः AIIMS दिल्ली में)।

Twisha Sharma का परिवार समर्थ की ज़मानत का विरोध कर रहा है और दोनों आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
पृष्ठभूमि
Twisha Sharma (33), जो एक पूर्व मॉडल, अभिनेत्री और ‘मिस पुणे’ थीं, 12 मई, 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत (लटकती हुई) पाई गईं — यह घटना दिसंबर 2025 में वकील समर्थ सिंह से शादी के ठीक पांच महीने बाद हुई।
उनके परिवार का आरोप है कि समर्थ और उनकी मां गिरिबाला सिंह ने दहेज के लिए प्रताड़ित किया, साथ ही मानसिक और शारीरिक शोषण भी किया। वे इसके सबूत के तौर पर वज़न में भारी कमी (15 किलोग्राम), पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों, कथित तौर पर प्रताड़ना की गुप्त ऑडियो रिकॉर्डिंग और जीवनशैली से जुड़े मतभेदों का हवाला देते हैं।

समर्थ सिंह फरार हैं। उनकी अग्रिम ज़मानत याचिका को पहले भोपाल की एक सत्र अदालत ने खारिज कर दिया था। पुलिस ने उनके खिलाफ ‘लुकआउट नोटिस’ जारी किया है, उनकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर इनाम की राशि (₹30,000 तक) बढ़ा दी है, और उनके पासपोर्ट को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गिरिबाला सिंह (सास, पूर्व न्यायाधीश और भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष) को पहले अग्रिम ज़मानत मिल गई थी, लेकिन अब उन्हें कई चुनौतियों, एक आधिकारिक जांच और अपने पद को लेकर संभावित कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। कुछ विवादित ऑडियो क्लिप सामने आए हैं, जिनमें Twisha Sharma के अतीत और जीवनशैली की आलोचना की गई है।
घर से CCTV फुटेज ज़ब्त कर लिया गया है, जिसमें Twisha को अकेले छत की ओर जाते हुए और बाद में समर्थ व अन्य लोगों को उनके शव के साथ देखा जा सकता है।
यह मामला भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं (दहेज निषेध सहित) के तहत, आत्महत्या के लिए उकसाने और संबंधित अपराधों के लिए दर्ज किया गया है।
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी मध्य प्रदेश सरकार से ‘की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट’ (Action Taken Report) मांगी है।
स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है; आज होने वाली हाई कोर्ट की सुनवाई से ज़मानत, जांच सौंपने और आगे की जांच के संबंध में अहम अपडेट मिलने की संभावना है। जनता और मीडिया का ध्यान इस मामले पर बना हुआ है, और वे पारदर्शिता व न्याय की मांग कर रहे हैं।


