एमपी में सभी सरकारी नौकरी के लिए एक ही एग्जाम:सीएम यादव बोले- यूपीएससी की तर्ज पर परीक्षा कराएंगे,कर्मचारी आयोग भी बनेगा..

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मध्य प्रदेश UPSC की तरह सरकारी नौकरियों के लिए यूनिफाइड एग्जाम शुरू करेगा

हाँ, यह घोषणा सही है और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 28 अक्टूबर, 2025 को भोपाल के सरदार वल्लभभाई पटेल पार्क में स्टेट एम्प्लॉई यूनियन द्वारा आयोजित दिवाली इवेंट के दौरान की थी। इस सुधार का मकसद रिक्रूटमेंट प्रोसेस को आसान बनाना है, ताकि नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों पर बोझ कम हो, जो अभी अलग-अलग संस्थाओं जैसे कि उच्च पदों के लिए मध्य प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (MPPSC) और निचले पदों के लिए स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड द्वारा आयोजित कई परीक्षाओं का सामना करते हैं।

घोषणा की मुख्य जानकारी:

यूनिफाइड एग्जाम सिस्टम: 2026 से, एक ही सालाना परीक्षा सभी कैटेगरी (जैसे, क्लास II, III, और IV पद) की सभी सरकारी नौकरियों की भर्तियों को कवर करेगी। यह यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) मॉडल को फॉलो करेगा, जहाँ एक पूरा टेस्ट उम्मीदवारों को मेरिट और पसंद के आधार पर अलग-अलग पदों के लिए क्वालिफ़ाई करता है।

स्टाफ कमीशन का गठन: प्रोसेस की देखरेख, ट्रांसपेरेंसी, ऑनलाइन नियम बनाने और वैकेंसी आने पर उन्हें अच्छे से संभालने के लिए एक नया डेडिकेटेड स्टाफ कमीशन बनाया जाएगा। यह बार-बार लगने वाली फीस, देरी और साफ़ न होने वाले प्रोसेस से होने वाली कानूनी चुनौतियों जैसे मुद्दों को हल करेगा।

जॉब क्रिएशन बूस्ट: सरकार इस सिस्टम के ज़रिए लगभग 200,000 नई पोस्ट भरने की योजना बना रही है, जिससे युवाओं को एक बड़ा मौका मिलेगा।

एडिशनल एम्प्लॉई बेनिफिट्स: CM यादव ने लंबे समय से पेंडिंग मुद्दों के समाधान की भी घोषणा की, जिसमें नौ साल पुराना हाउस रेंट अलाउंस विवाद, लगभग 400,000 एलिजिबल स्टाफ के लिए प्रमोशन (कोर्ट से मंज़ूरी बाकी), और सैलरी में अंतर, ग्रेड पे में गड़बड़ी और कैडर डेज़िग्नेशन को ठीक करने के लिए रिटायर्ड अधिकारियों का एक नया कमीशन शामिल है।

यह क्यों ज़रूरी है:

इस बदलाव से भर्ती को ज़्यादा बेहतर और कैंडिडेट-फ्रेंडली बनाने की उम्मीद है, जैसा कि UPSC की सिविल सर्विसेज़ परीक्षा में होता है, जिसमें कई सर्विसेज़ के लिए एक ही प्रीलिम्स-मेन्स-इंटरव्यू स्ट्रक्चर का इस्तेमाल होता है।

अभी, MP के बिखरे हुए सिस्टम की वजह से तैयारी एक जैसी नहीं होती और रिसोर्स पर ज़ोर पड़ता है। यह कदम निष्पक्षता को बढ़ावा देता है और ट्रांसपेरेंसी पर ज़ोर देकर रिज़ल्ट पर कोर्ट के स्टे को कम कर सकता है।

लेटेस्ट अपडेट के लिए, MPPSC वेबसाइट या CM यादव के ऑफिशियल कम्युनिकेशन जैसे ऑफिशियल सोर्स देखें, क्योंकि लागू करने की डिटेल्स को फाइनल किया जा रहा है। अगर आप इन एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं, तो UPSC-स्टाइल जनरल स्टडीज़, एप्टीट्यूड और ऑप्शनल सब्जेक्ट्स पर फोकस करना ज़रूरी होगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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