पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और सामाजिक न्याय व आधिकारिता मंत्री बीएल वर्मा को राज्यसभा का टिकट नहीं मिलने के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा
ख़बर भारत की-06 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली।
Report -Nidhi Chaurasia
नई दिल्ली – पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और सामाजिक न्याय व आधिकारिता मंत्री बीएल वर्मा को राज्यसभा का टिकट नहीं मिलने के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। दोनों राज्यसभा का कार्यकाल का 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है, जाहिर उसके बाद वे मंत्रिमंडल में नहीं रह पाएंगे।
इन दोनों को शामिल करें तो पिछले चार महीने में मंत्रिमंडल में पांच मंत्री कम हो जाएंगे। भाजपा संगठन की नियुक्तियों और राज्यसभा के टिकट वितरण को बारीकी से देखें, तो मंत्रिमंडल में संगठन से जुड़े युवा नेताओं को तरजीह मिल सकती है।
दरअसल जून महीने में रवनीति बिट्टू और जार्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल जुलाई के पहले हफ्ते में खत्म हो गया था। उसके बाद उन दोनों से मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था। वहीं जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शनों के कारण धर्मेंद्र प्रधान मंत्रिमंडल से बाहर हो गए थे।
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी को भी उप्र का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। उसी वक्त से मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज हो गईं थी। लेकिन अकाली दल से संभावित गठबंधन को देखते हुए इसे टाल दिया था।
अकाली दल से गठबंधन की स्थिति में मंत्रिमंडल में उन्हें भी जगह दिया जाएगा। सूत्रों की माने तो अकाली दल के साथ गठबंधन की घोषणा जल्द हो सकती है, सिर्फ सीटों के बंटवारे को लेकर मामला रूका हुआ है। एक बार गठबंधन की घोषणा होने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार कभी भी किया जा सकता है।
माना जा रहा है कि मोदी सरकार 3.0 का यह पहला और आखिरी मंत्रिमंडल फेरबदल होगा। 2029 के लोकसभा चुनाव में सरकार इसी मंत्रिमंडल के साथ जाएगी। यही कारण फेरबदल के पहले सभी समीकरणों और अपेक्षाओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि जिस तरह से पार्टी के संगठन के पदाधिकारियों समेत राज्यसभा के उम्मीदवारों तक में संगठन से जुड़े जमीनी कार्यकर्ताओं को तरजीह दी गई है, उसे मंत्रिमंडल के फेरबदल में भी देखा जा सकेगा।
2029 के लोकसभा चुनाव में महिला आरक्षण के अहम मु्ददा होने की संभावना को देखते हुए मंत्रिमंडल में महिलाओं की संख्या बढ़ सकती है। इसके साथ ही युवाओं के साथ जुड़ाव की कोशिश में जुटी सरकार युवा चेहरों को भी तरजीह दे सकती है।



