सुप्रीम कोर्ट सख्त! इंटरनेट-मेट्रो सेवाएं सामान्य रखने और बैरिकेडिंग की समीक्षा के निर्देश, वकीलों को न रोका जाए!

ख़बर भारत की-11 अक्टूबर 2026,नई दिल्ली|
🔴 बड़ी खबर: सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश, दिल्ली में बैरिकेडिंग की समीक्षा करो, इंटरनेट और मेट्रो सेवाएं सामान्य रखो!
Nidhi Chaurasia
नई दिल्ली | 11 अक्टूबर 2026
⚖️ शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को अवैध रूप से हिरासत में न लें, वकीलों के काम में बाधा न डालें….
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशनों पर प्रतिबंध, बैरिकेडिंग और लोगों की आवाजाही को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। रविवार, 11 अक्टूबर को हुई सुनवाई में अदालत ने अधिकारियों से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की अवैध हिरासत रोकने और आम लोगों की आवाजाही सुनिश्चित करने को कहा।
🔴 सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख निर्देश
इंटरनेट सेवा: कानून-व्यवस्था संबंधी आवश्यकताओं और लागू कानूनों के अधीन इंटरनेट सेवाएं निर्बाध रखने का निर्देश।
बैरिकेडिंग: दिल्ली में बैरिकेडिंग की व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा।
मेट्रो और रेल: मेट्रो एवं रेल सेवाओं का सामान्य संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश, आवश्यक कानून-व्यवस्था संबंधी प्रतिबंधों के अधीन।
आवाजाही की स्वतंत्रता: यातायात नियमों और लागू प्रतिबंधों के अधीन लोगों की स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित की जाए।
वकीलों को राहत: वकीलों को अपने पेशेवर कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा नहीं पहुंचाई जाए।
प्रदर्शनकारियों के अधिकार: शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने वाले लोगों को अवैध रूप से हिरासत में नहीं लिया जाए।
⚖️ अधिकारियों से मांगा जवाब
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। मामला दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशनों पर प्रतिबंध और लोगों को हिरासत में लिए जाने से जुड़ा है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि 10 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो के कुल 303 स्टेशनों में से 45 स्टेशनों के प्रवेश और निकास पर प्रतिबंध लगाया गया था। अदालत ने इस स्थिति पर स्पष्टीकरण मांगा।
📰 बड़ी बात
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन, आम नागरिकों की आवाजाही और वकीलों के पेशेवर कार्यों में अनावश्यक बाधा नहीं होनी चाहिए। हालांकि, सभी निर्देश लागू कानूनों और आवश्यक कानून-व्यवस्था संबंधी प्रावधानों के अधीन हैं।


