CM ने इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का शिलान्यास किया: ₹20,000 करोड़ के निवेश और 1 लाख नौकरियों की संभावना; कार्यक्रम से पहले मुख्य द्वार गिरा, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

कार्यक्रम आज (3 मई, 2026) इंदौर के नैनोद गाँव (सेक्टर A) में हुआ। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर (IPEC) के पहले चरण का भूमि पूजन (शिलान्यास समारोह) किया।
प्रोजेक्ट की मुख्य बातें
दायरा: यह कॉरिडोर लगभग 20–21 किमी (लगभग 20.28 किमी) लंबा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, जो सुपर कॉरिडोर (इंदौर हवाई अड्डे के पास) को पीथमपुर इन्वेस्टमेंट रीजन से जोड़ता है। इसका उद्देश्य 8लेन सड़क, बफर ज़ोन, भूमिगत यूटिलिटीज़, लॉजिस्टिक्स हब, और भविष्य के मेट्रो, IT/Fintech ज़ोन, डेटा सेंटर आदि के प्रावधानों के साथ एक एकीकृत औद्योगिक और शहरी विकास धुरी बनाना है।
पूरा प्रोजेक्ट: लगभग 1,316 हेक्टेयर ज़मीन पर बनाए जाने वाले इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत लगभग ₹2,360 करोड़ है। पहले चरण के इंफ्रास्ट्रक्चर (सड़कें, जल निकासी, बिजली, आदि) की अनुमानित लागत ₹250–326 करोड़ है।
आर्थिक संभावनाएँ: मुख्यमंत्री यादव ने लगभग ₹20,000 करोड़ के निवेश और लगभग 1 लाख नौकरियों की संभावना पर ज़ोर दिया। उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, कपड़ा, ऑटो और IT तथा सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों को मज़बूत करके इंदौर की GDP को काफ़ी बढ़ाएगा (जो अभी लगभग ₹1.25 लाख करोड़ है)। यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय राजमार्गों और पीथमपुर में मौजूद औद्योगिक समूहों से जुड़ता है।
किसानों की भागीदारी: ज़मीन के मुआवज़े में बढ़ोतरी (विभिन्न अपडेट्स के अनुसार 50–60% या 70% तक) और ‘लैंड पूलिंग मॉडल’ के इस्तेमाल के बाद काम में तेज़ी आई है, जिससे किसानों को विकसित प्लॉट मिल सकेंगे।
इस कार्यक्रम में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी शिरकत की। मुख्यमंत्री ने एकीकृत औद्योगिक विकास और इंदौर के एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में उभरने पर ज़ोर दिया।

गेट गिरने की घटना
मुख्यमंत्री के आने से पहले ही कार्यक्रम स्थल का मुख्य गेट गिर गया, जिससे कुछ देर के लिए अफ़रातफ़री मच गई। अधिकारियों ने तुरंत एक क्रेन की मदद से गेट को दोबारा खड़ा कर दिया। किसी के घायल होने की कोई ख़बर नहीं है, और समारोह तय योजना के अनुसार ही आगे बढ़ा। प्रोजेक्ट के लॉन्च के साथसाथ स्थानीय मीडिया में इस घटना की भी काफ़ी चर्चा रही। यह इंदौरपीथमपुर क्षेत्र के लिए बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो मध्य प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है। जैसे ही पहले चरण का काम शुरू होगा, इस संबंध में और भी अपडेट्स आते रहेंगे।



